SSC GD हिंदी: पर्यायवाची और विलोम शब्दों का अभ्यास
अर्थ, संदर्भ और शब्द-भेद समझकर पर्यायवाची तथा विलोम चुनें। पाँच मौलिक प्रश्नों के साथ उपयोगी पुनरावृत्ति विधि सीखें।
By Quizora · 2 Nov 2026

शब्द याद करने से पहले उनका अर्थ समझें
SSC GD की हिंदी तैयारी में पर्यायवाची और विलोम का अभ्यास करते समय केवल लंबी सूची रटना पर्याप्त नहीं है। शब्द का मूल अर्थ, वाक्य का संदर्भ और उपलब्ध विकल्प साथ में देखने होते हैं। कभी दो शब्द सामान्य अर्थ में पास होते हैं, लेकिन किसी विशेष वाक्य में एक ही शब्द उपयुक्त बैठता है। इसलिए सही उत्तर चुनने की आदत अर्थ समझने से बनती है।
यह लेख शब्दज्ञान के एक सीमित हिस्से की तैयारी कराता है; इसे पूरी सामान्य हिंदी का पाठ्यक्रम न मानें। नीचे दिए गए पाँच प्रश्न Quizora ने अभ्यास के लिए स्वयं बनाए हैं। ये आधिकारिक पिछले वर्ष के प्रश्न नहीं हैं। परीक्षा की तारीख, भाषा संबंधी निर्देश और लागू पाठ्यक्रम के लिए कर्मचारी चयन आयोग की संबंधित अधिसूचना देखें। किसी अभ्यास वेबसाइट की जानकारी को अपने आप आधिकारिक न मानें।
पर्यायवाची में अर्थ की समानता पहचानें
पर्यायवाची वे शब्द हैं जिनके अर्थ समान या बहुत निकट होते हैं। उदाहरण के लिए, जल और पानी सामान्य प्रयोग में समानार्थी हैं। नेत्र और आँख भी एक ही अंग का बोध कराते हैं। लेकिन हर पर्याय हर वाक्य में स्वाभाविक नहीं लगता। दैनिक बातचीत, साहित्यिक भाषा और तकनीकी प्रयोग की अपनी सीमाएँ होती हैं।
एक उपयोगी तरीका है कि शब्द के सामने तुरंत दूसरा शब्द लिखने के बजाय उसका सरल अर्थ लिखें। जैसे निर्मल के सामने साफ या अशुद्धि से रहित लिखें। इसके बाद देखें कि दिए गए विकल्पों में कौन इस अर्थ के सबसे निकट है। इससे केवल परिचित दिखने वाले शब्द को चुनने की गलती कम होती है।
मान लीजिए वाक्य है, “तालाब का जल निर्मल था।” यहाँ निर्मल का आशय साफ होने से है। विकल्पों में स्वच्छ, कठोर, गहरा और भारी हों तो स्वच्छ सही होगा। गहरा भी जल की विशेषता हो सकता है, पर वह निर्मल का अर्थ नहीं बताता। विषय से जुड़ा होना और समान अर्थ रखना अलग बातें हैं।
विलोम में विरोध का आधार खोजें
विलोम शब्दों में अर्थ का विरोध होता है। लाभ और हानि में आर्थिक परिणाम का विरोध है; आशा और निराशा में मनःस्थिति का। विलोम चुनते समय पहले यह तय करें कि प्रश्न किस अर्थ में विरोध पूछ रहा है। किसी शब्द का केवल अलग अर्थ होना उसे विलोम नहीं बनाता।
उदार व्यक्ति दूसरों की सहायता या देने में खुला स्वभाव रख सकता है। इस अर्थ में कृपण उसका उपयुक्त विलोम है। क्रोधित, परिश्रमी या प्रसन्न अलग विशेषताएँ बताते हैं; वे उदार का सीधा विपरीत नहीं हैं। इसी तरह कठिन का विलोम सरल हो सकता है, लेकिन कठोर का विलोम संदर्भ के अनुसार कोमल भी हो सकता है।
हर शब्द के आगे अ, अन या नि लगाकर सही विलोम नहीं बनाया जा सकता। पहले देखें कि नया शब्द मानक प्रयोग में है या नहीं, फिर उसका अर्थ जाँचें। उपसर्ग उपयोगी संकेत दे सकते हैं, लेकिन शब्दकोश और संदर्भ का स्थान नहीं ले सकते। अनुमान को नियम समझकर याद न करें।
मिलते-जुलते शब्दों से सावधान रहें
कृतज्ञ और कृतघ्न लिखने में मिलते हैं, लेकिन अर्थ में महत्वपूर्ण अंतर है। कृतज्ञ उपकार मानने वाला है; कृतघ्न उपकार न मानने वाला। दोनों को एक साथ पढ़ें और प्रत्येक का अपना छोटा वाक्य बनाएँ। केवल अंतिम अक्षर देखकर उत्तर देने के बजाय पूरे शब्द को ध्यान से पढ़ें।
इसी प्रकार संज्ञा की तुलना संज्ञा से और विशेषण की तुलना विशेषण से करने की आदत मदद करती है। सुंदर और सुंदरता संबंधित हैं, पर एक विशेषण है और दूसरा भाववाचक संज्ञा। प्रश्न में अर्थ की समानता पूछी गई हो तो शब्द-भेद भी उपयोगी संकेत है। हालांकि अंतिम निर्णय पूरे प्रश्न और विकल्पों से ही लें।
अपनी पुनरावृत्ति की छोटी व्यवस्था बनाएँ
एक पन्ने पर चार खाने बनाएँ: शब्द, सरल अर्थ, पर्याय या विलोम और उदाहरण वाक्य। प्रतिदिन कम शब्द लें, लेकिन उन्हें अगले दिन बिना देखे लिखें। जिन शब्दों में भ्रम हो, उनके सामने अपनी गलती का कारण भी जोड़ें। इससे आपकी कॉपी केवल सूची नहीं, सुधार का साधन बनती है।
अभ्यास के बाद गलत विकल्पों के अर्थ भी जाँचें। यदि उत्तर सही केवल अनुमान से मिला हो, तो उसे पूरी तरह सीखा हुआ न मानें। उस शब्द से नया वाक्य बनाएँ और किसी दूसरे संदर्भ में पहचानें। दो दिन बाद वही प्रश्न दोहराने के बजाय उसी अर्थ पर नया प्रश्न हल करना अधिक उपयोगी जाँच है।
प्रश्न हल करते समय यह क्रम अपनाएँ
पहले निर्देश पढ़ें: पर्यायवाची पूछा है या विलोम? फिर मूल शब्द का अर्थ मन में कहें। उसके बाद चारों विकल्प देखें और असंबंधित अर्थ हटाएँ। अंत में चुने गए शब्द को दिए गए वाक्य में रखकर जाँचें। किसी कठिन प्रश्न पर बहुत देर अटकने के बजाय अपनी अभ्यास-रणनीति के अनुसार आगे बढ़ें और बाद में उसकी समीक्षा करें।
स्रोत और आगे का अभ्यास
निर्मल का अर्थ जाँचने के लिए शब्दकोश प्रविष्टि देखें रेख्ता शब्दकोश: निर्मल। उदारता की अर्थ-सीमा समझने में यह प्रविष्टि सहायक है रेख्ता शब्दकोश: उदारता। आधिकारिक परीक्षा-सूचना का स्रोत कर्मचारी चयन आयोग है। अब अभ्यास करें और दूसरे विषयों की तैयारी के लिए परीक्षाएँ देखें। पाँच प्रश्नों का परिणाम केवल अगली पुनरावृत्ति तय करने का संकेत है, पूरी तैयारी का प्रमाण नहीं।
Original practice • मौलिक अभ्यास
1. “स्वच्छ जल” में स्वच्छ का सबसे उपयुक्त पर्यायवाची कौन-सा है?
- गहरा
- निर्मल
- विशाल
- शीतल
Correct answer: B. निर्मल
निर्मल का अर्थ साफ या अशुद्धि से रहित है; अन्य विकल्प अलग विशेषताएँ बताते हैं।
2. दान देने के स्वभाव के संदर्भ में “उदार” का विलोम चुनिए।
- प्रसन्न
- साहसी
- कृपण
- परिश्रमी
Correct answer: C. कृपण
कृपण का अर्थ कंजूस है, जो देने में उदार होने का विपरीत है।
3. “उसकी आँख में धूल चली गई।” यहाँ आँख का पर्यायवाची कौन-सा है?
- नेत्र
- कर्ण
- हस्त
- चरण
Correct answer: A. नेत्र
नेत्र आँख का पर्याय है; कर्ण कान, हस्त हाथ और चरण पैर को कहते हैं।
4. “इस सौदे में लाभ हुआ।” वाक्य में लाभ का विलोम क्या है?
- धन
- व्यय
- मूल्य
- हानि
Correct answer: D. हानि
लाभ का विपरीत हानि है। व्यय का अर्थ खर्च है; हर खर्च हानि नहीं होता।
5. उपकार मानने वाले व्यक्ति के लिए उपयुक्त शब्द चुनिए।
- कृतघ्न
- कृतज्ञ
- निर्दयी
- अकृतकार्य
Correct answer: B. कृतज्ञ
कृतज्ञ उपकार मानने वाला होता है; कृतघ्न उपकार न मानने वाला है।
